श्रीमद्भागवत महापुराण
श्रीमद्भागवत
पुराण परिचय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
श्रीमद्भागवत
पुराण में कुल 12 स्कंध (भाग) और 335 अध्याय हैं। इनका स्कंध-वार विवरण निम्नवत है:
· प्रथम स्कंध (19 अध्याय): शौनकादि ऋषियों के
प्रश्न, व्यास जी का विषाद, नारद जी का उपदेश, और महाराज परीक्षित का जन्म तथा उन्हें
शाप।
· द्वितीय स्कंध (10 अध्याय): भगवान के विराट
स्वरूप का ध्यान, सृष्टि-क्रम, और चतुश्लोकी भागवत।
· तृतीय स्कंध (33 अध्याय): विदुर-मैत्रेय
संवाद, वराह अवतार, और माता देवहूती को कपिलादेव का सांख्य योग उपदेश।
· चतुर्थ स्कंध (31 अध्याय): सती चरित, ध्रुव चरित्र,
राजा पृथु की कथा,
और प्राचीनबर्हि
की कथा।
· पंचम स्कंध (26 अध्याय): प्रियव्रत और
ऋषभदेव का चरित्र, राजा भरत (जड़भरत) की कथा, और भूगोल व खगोल
का वर्णन।
· षष्ठ स्कंध (19 अध्याय): अजामिल उपाख्यान,
पुत्रकामेष्टि,
और वृत्रासुर का
वध।
· सप्तम स्कंध (15 अध्याय): प्रहलाद चरित्र,
हिरण्यकशिपु का वध,
नृसिंह अवतार,
और वर्णाश्रम
धर्म।
· अष्टम स्कंध (24 अध्याय): गजेंद्र मोक्ष,
मन्वंतर वर्णन,
समुद्र मंथन,
और वामन अवतार।
· नवम स्कंध (24 अध्याय): सूर्यवंश और
चंद्रवंश की कथाएं, राजा अमरीष, राम जन्म, और यदुवंश का वर्णन।
· दशम स्कंध (90 अध्याय): भगवान श्रीकृष्ण
का जन्म, बाल-लीलाएं, कंस वध, रासलीला, और द्वारका लीला (यह सबसे बड़ा स्कंध है)।
· एकादश स्कंध (31 अध्याय): यदुवंश का संहार,
उद्धव गीता,
और श्रीकृष्ण का
स्वधाम गमन।
· द्वादश स्कंध (13 अध्याय): कलयुग के राजाओं
का वर्णन, राजा परीक्षित का मोक्ष, और श्रीमद्भागवत का महात्म्य।
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